पटना: बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी आज बिल्कुल नए अंदाज में नजर आए। सफेद खादी और राजनीतिक रैलियों के बीच व्यस्त रहने वाले मंत्री जी ने पटना के AN कॉलेज में बतौर प्रोफेसर (पॉलिटिकल साइंस) छात्रों को पढ़ाया। AN कॉलेज की बिल्डिंग के जिस हिस्से का निर्माण उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते कराया था, आज उसी में वे पढ़ाने पहुंचे।
थोड़ा नर्वस महसूस कर रहा हूं
क्लास लेने से पहले अशोक चौधरी ने कहा कि बहुत कम लोग होंगे, जो मंत्री रहते हुए प्रोफेसर के रूप में क्लास लेते हों। आज उन्हें छात्रों से भी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। अशोक चौधरी ने कहा-'मैंने 1991 में मास्टर्स किया था। अब 2026 में फिर से पढ़ाने का मौका मिला है। इतने लंबे समय बाद क्लास लेने को लेकर मैं थोड़ा नर्वस महसूस कर रहा हूं। 1991 के बाद से मैंने पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई नहीं की है, इसलिए पढ़ाना थोड़ा चैलेंजिंग है, लेकिन मैंने पहले ही विभागाध्यक्ष से सिलेबस ले लिया था। इसलिए तैयारी करके आया हूं।'
AN कॉलेज के राजनीति विज्ञान में नियुक्ति
बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने 16 फरवरी को पाटलीपुत्र यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर योगदान दिया था। फिर 17 फरवरी को यूनिवर्सिटी के AN कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में जॉइनिंग दी थी ।
2020 में निकली थी वैकेंसी
बता दें कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली 2020 में निकाली थी। 5 साल बाद जून 2025 को अशोक चौधरी का इंटरव्यू हुआ और रिजल्ट 24 जून 2025 को जारी हुआ। हालांकि चौधरी के नाम को लेकर हुए कंफ्यूजन को लेकर उनकी नियुक्ति रोक दी गई थी, फिर जांच की गयी, बाद में सब कुछ सही पाया गया।
नीतीश के करीबी माने जाते हैं अशोक चौधरी
अशोक चौधरी की उम्र अभी 58 साल है। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले अशोक चौधरी वर्तमान में बिहार सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री हैं। इनकी बेटी शांभवी चौधरी समस्तीपुर से चिराग पासवान की पार्टी से सांसद और दामाद सायन कुणाल बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य हैं।